Wednesday, January 28, 2009

वाह रे राजनीति....!

हमारे देश की राजनीति भी क्या खूब है .... जिस तेज़ी और जिस चतुराई से हमारे नेता अपना चोल बदलते हैं उतनी तेज़ी से तो शायद समय भी नहीं बदलता..... जब तक हम गौर करते हैं या कुछ एक्शन लेना चाहते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है, फिर हमें एहसास होता है कि हम तो ठगे जा चुके हैं। यह हमारी राजनीति में एक बार नहीं बार बार हो रहा है । देश की भोली भाली और मासूम जनता अपने इन राजनेताओं पर बार बार भरोसा करती है और यह राजनेता हैं कि वो बार बार अपनी मासूम जनता को आसानी से बेवकूफ बना कर निकल जाते है......

अब मुलायम सिंह को ही देख लीजिए..... लगता था की इनका नाम भले ही मुलायम है लेकिन ये फिरका परस्तों और तथाकथित देश भक्तों के लिए तो कठोर हैं ही । कभी कभी इन्हों ने इस का प्रदर्शन भी किया ...लेकिन अब ऐसा लगता है की मुलायम सिंह को अब केवल सत्ता सुख ही नज़र आ रहा है... कहीं येही तो सच्चाईनही की उन्हें केवल वोटो की राजनीति करनी थी सो उन्हों ने मुस्लिम वोट बैंक का खूब फायदा उठाया । अब शायद उन्हें लग रहा है की मुस्लिम वोटों की ज़रूरत नहीं रही तभी तो उन्हों ने बाबरी मस्जिद के कातिलों में से एक कल्याण सिंह की कीमत एक दो नहीं करीब दर्जन भर मुस्लिम उम्मीदवारों , करोड़ों मुस्लिम वोटों और मुसलामानों की अमूल्य भावनाओं से अधिक लगाई है ।

खैर , मुलायम सिंह ने अगले एलक्शन के मद्दे नज़र ही यह आत्मघाती फैसला किया है तो उन्हें इलेक्शन में ही पता चल जायेगा की एक आरोपी और सज़ा याफ्ता कल्याण सिंह की कीमत अधिक है या फिर लाखों करोड़ों लोगों की आहत हुई भावनाएं अधिक असरदार हैं .....
आज़म खान, शफीकुर्रहमान बर्क , सलीम शेरवानी , शाहिद अखलाक , कमाल अख्तर , अफजाल अंसारी , अतीक अहमद ..... यह वो नाम हैं जिन से समाजवादी पार्टी के ताबूत में कीलें ठुक्नी शुरू होती हैं.... सिलसिला जारी है ...... बस अब इंतज़ार इस बात का है के ताबूत में आख़री कील कौन और कब ठोकी जाती है ................!

YameeN

1 comment:

kailashpur said...

samaajwaadi party ki ulti ginti shuru ho gayee haikyonki usne amar singh ke hatho khud ko girwi rakh diya hai. partu ke sabhi muslim rahnuma partyse naraz hain. shahid siddiqui pahle hi party chod chuje hain. azam khan, shewani shab, barq sahab aur doosre log party ke khilaf bol rahe hain. amar singh ye samajhte hain ki musalmaano se peecha chhuda kar woh hindu wot ke sahare jeet lenge bahut badi bhool hai. hindu vaton ke khareedar bahut hain. sirf musalmaanon ne hi unhe sarkaar dilayye hai.