विलायत का यह फर्जी ग्रेजुएट
हिंदू कट्टरवाद का नया चेहरा वरुण , जिस के नाम के साथ ' गाँधी ' शब्द लिखते हुए भी शर्म आती है, आए भी क्यूँ न ॥ क्यों कि उस के जो कारनामे सामने आए हैं उस से उस ने गाँधी की विरासत को मिट्टी में मिला दिया है । जब मुसलमानों के ख़िलाफ़ उस के मार काट करने वाले भाषण सामने आए और उस ने चन्द वोटों की खातिर समाज को बाटने की कोशिश की, उसी समय कई प्रश्न दिमाग में उठने लगे ......
कि आख़िर लन्दन का एक ग्रेजुएट नौजवान ऐसी विषैली भाषा का इस्तेमाल क्यों कर रहा है ? गंगा जमुनी तहजीब वाले इस देश में वो क्यूँ नफरत की दीवारें खड़ी करना चाहता है ? क्या वो लन्दन से यही सब पढ़ कर आया है ? यह और न जाने कितने सवाल दिमाग में आने लगे ...........
जब कोई उच्च शिक्षा ग्रहण कर लेता है चाहे वो देश में प्राप्त की हो या फिर विदेश में ... तो उस से उम्मीद की जाती है कि वो देश की तरक्की और खुशहाली के लिए काम करेगा ..... लेकिन वरुण के मामले में तो इस के विपरीत हो रहा है । आख़िर हो भी क्यूँ न !
वरुण ने न तो लन्दन से वो शिक्षा प्राप्त की है जो वो बता रहा है और न ही भारतीय सभ्यता का कोई पाठ पढ़ा है ... इस के ऊपर से वो एक ऐसी पार्टी से राजनीति की ट्रेनिंग ले रहा है , जिस की नींव ही नफरत, दहशत, वहशत और कट्टरता पर रखी गयी है .................
पीलीभीत में अपने भड़काऊ और विषैले भाषणों के कारण जेल की हवा खाने वाले वरुण की जो नयी काली करतूत सामने आयी है उस के अनुसार वरुण ने अपनी ज़मानत अर्जी में जिन डिग्रियों का हवाला दिया वो फर्जी हैं ..... यानी वो लन्दन से ग्रजुएट है ही नही ..... वरुण ने दावा किया कि वो लन्दन स्कूल आफ इकानोमिक्स से ग्रजुएट है और स्कूल आफ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज से एम् एस सी की । वरुण के वकील ने दुनिया को झुट्लाते हुए कोर्ट से कहा कि वरुण पढ़े लिखे और अमन पसंद शहरी है ( जो कि हम सब जानते हैं कि वो कितना अमन पसंद अहै ) इस करतूत का परदा फाश उस वक़्त हुआ जब स्कूल आफ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज की एक फैकल्टी मेंबर और पूर्व छात्रा जेबा सलमान ने कई लोगों को भेजे अपने ई मेल में बताया कि वरुण ने अपना कोर्स कम्प्लीट ही नही किया था । इसी प्रकार एल एस ई के एक सीनिअर एड्मिनिस्तेटरके अनुसार वरुण ने एल एस ई में एडमिशन के लिए दरखास्त दी थी , परन्तु उन्हें एडमिशन नहीं मिला था ..............
यह हैं हमारे भविष्य के नेता के काले कारनामे । ऐसे लोग जब सत्ता में बैठेंगे , तो उन से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं ..... पहले शिक्षा के नाम पर देश को धोका और फिर देश में महिज़ कुछ वोटों की खातिर समाज को विभाजित करने का प्रयास करना .......
क्या राजनीति में कामयाबी का एक यही रास्ता है ......? जिस पर चल कर वरुण आगे जाना चाहता है ?????
यह हर सच्चे और समझदार देश वासी को सोचना चाहिए कि ऐसे लोगों को सिर्फ़ और सिर्फ़ हम सब मिल कर रोक सकते हैं......
YameeN
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1 comment:
वाह भाई खूब काम कर रहे हो, हमसे मिल लिया करो जनाब, antimawtar.blogspot.com आजकल नई मसरूफियत है,
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