आखिर हमारे मुल्क में रिज़र्वेशन देने का पैमाना क्या है ...? रिज़र्वेशन देते समय दावा तो शायद यही किया जाता है कि देश में जो कोई भी किसी भी मैदान में पिछड़ रहा है उसे तरक्की और देश की मुख्य धारा में लाने के लिए रिज़र्वेशन या आरक्षण का सहारा दिया जाए । कुछ हद तक दावा सच भी होता है ... क्यूँ कि जिन्हें अभी तक आरक्षण दिया गया है उन वर्गों को इसका कुछ न कुछ लाभ भी मिला है ....अब बारी है महिलाओं को संसद और विधान सभाओं में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने की... इस के लिए कौन सी पोलिटिकल पार्टी कितनी संजीदा है ... यह हम लगभग पिछले १५ वर्षों से खूब देख रहे हैं ....
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब किसी के पिछड़े पन को दूर करने और वर्ग विशेष को मुख्य धारा में लाने के लिए रिज़र्वेशन एक बड़ा हथियार है तो फिर तरक्की से कोसों दूर मुसलमानों को रिज़र्वेशन देने में तमाशा और दिखावा क्यूँ किया जा रहा है ....
यू पी ए सरकार ने जस्टिस सच्चर से ए छानबीन क्यूँ करवाई कि इस देश के मुसलमानों की स्थिति क्या है और वो इस देश में दुसरे दर्जे के शहरी क्यूँ हैं.... क्या इस लिए कि उन्हें अभी और कितना पिछड़ा बनाया जा सकता है
महिलाओं को रिज़र्वेशन दिया जा सकता है ... दलितों और आदिवासयों को आरक्षण दिया जा सकता है... तो फिर मुसलमानों के पिछड़े पन को दूर करने और उन्हें तरक्की की रफ़्तार में शामिल करने के लिए रिज़र्वेशन क्यूँ नहीं ... मुस्लमान आखिर कब तक इसी प्रकार राजनीती और धोका धडी का शिकार होते रहेंगे .... उन्हें केवल वोट बैंक समझने और इस्तेमाल करके फ़ेंक देने वाली चीज़ कब तक समझा जाता रहेगा...? जब जस्टिस सच्चर ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ साफ़ बता दिया कि इस देश के मुस्लमान दलितों और आदिवासियों से भी पिछड़े हुए है ... तो फिर इस पिछड़े पन को दूर करने के लिए मुसलमानों का हितैषी बताने वाली कांग्रेस नीत यू पी ए सरकार ने पिछले छे सात वर्षों में क्या किया है .... शायद उसके पास बताने के लिए कुछ नहीं निकलेगा ..... कांग्रेस ही क्यूँ ... दूसरी राजनीतिक पार्टियाँ जो मुसलमानों का दम भर्ती हैं... उनके वोटों से अपनी सियासी दुकाने चला रही हैं .... बताने के लिए उनके पास भी कुछ नहीं होगा .....
अब समय आ गया है कि मुस्ली जनता, मुस्लिम राजनीतिज्ञ, मुस्लिम बुद्दिजीवी, मुस्लिम संस्थाएं और तंजीमें एकता के साथ .... अपने अपने हितों को एक तरफ रख कर आगे आयें और मुसलमानों को आरक्षण दिलाने के लिए आन्दोलन करें... मुहम चलायें .....
यामीन अंसारी
९०१५७५६९८८
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