Saturday, July 17, 2010

मुलायम सिंह की माफ़ी काबिले कुबूल , लेकिन ........


मुलायम सिंह की माफ़ी काबिले कुबूल , लेकिन ........
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह ने पहले अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी ... आज़म खान या कुछ लोगों के समझाने पर भी उनकी समझ में नहीं आया ... उत्तर प्रदेश के वोटरों ने भी समझा दिया ... मगर अब आकर शायद उनकी समझ में आया है ... क़ि उनहोंने कल्याण सिंह जैसे नफरत के सौदागर से दोस्ती करके कितनी बड़ी भूल की थी ... खैर सुबह का भूला शाम को घर लौट के आ जाये तो उसे भूला नहीं कहते ..... लेकिन अब देखना यह होगा क़ि मुलायम सिंह अपने भूले बिछड़े वोटर यानि मुसलमानों को एक बार फिर समाजवादी पार्टी से जोड़ पते हैं या नहीं .... अगर प्रदेश के मुसलमान फिर समाजवादी से जुड़ जाते हैं तो ही मुलायम सिंह का माफ़ी नामा कुबूल समझा जायेगा ....
मुलायम सिंह यादव ने मुसलमानों के नाम जारी अपने बयान में क्या कहा है यह भी देख लें -
"मेरा जीवन साम्प्रदायिक शक्तियों के विरद्ध संघर्ष करने की खुली किताब रहा है। मैंने सदैव साम्प्रदायिक ताकतों को नाकाम करने में पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाया है। सन 1990 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुये अपने संवैधानिक दायित्व का पालन करते हुए मैने बाबरी मस्जिद को बचाने का काम किया। अपने बयान में मुलायम ने छह दिसम्बर 1992 को उत्तर प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहते हुये बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें में मस्जिद गिराने के जिम्मेदार तत्कालीन मुख्यमंत्री को एक दिन के कारावास की सजा भी दी। उन्होंने कहा कि 2009 लोक सभा चुनाव में साम्प्रदायिक शक्तियों की सरकार को केन्द्र में सत्तारूढ होने से रोकने में उन्हें कुछ गलत तत्वों को साथ लेना पडा जिससे भ्रमित होकर सभी धर्मनिरपेक्ष विशेषकर मुसलमान भाईयों को मानसिक कष्ट हुआ और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। उन्होंने कहा मैं इसे अपनी गलती स्वीकार करता हूं और इसलिए मस्जिद गिराने के जिम्मेदार लोगों को भविष्य में कभी साथ ना लेने की सार्वजनिक घोषणा भी कर चुका हूं। मैं इस घटना के लिए देश के सभी विशेषकर अपने मुसलमान भाइयों से माफी मांगता हूं और उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में उनके हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनके सम्मान की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करता रहूंगा।"
बार बार मुसलमानो से माफी मांग चुके मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर से मुसलमानो से किस इरादे से माफी मांगी है यह तो साफ तौर पर समझ नही आ रहा है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर जा रहे मुसलमान मतदाताओ को रोकने के लिये मुलायम ने जो माफी मांगी है अब वो कितनी कारगर होती है यह देखने वाली बात होगी।
मुलायम ने लिखा है कि "मेरा जीवन साम्प्रदायिक शक्तियों के विरद्ध संघर्ष करने की खुली किताब रहा है। मैंने सदैव साम्प्रदायिक ताकतों को नाकाम करने में पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाया है। वर्ष 1990 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुये अपने संवैधानिक दायित्व का पालन करते हुए मैने बाबरी मस्जिद को बचाने का काम किया।" अपने बयान में श्री यादव ने छह दिसम्बर 1992 को उत्तर प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहते हुये बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें में मस्जिद गिराने के जिम्मेदार तत्कालीन मुख्यमंत्री को दोषी मानते हुये अदालत उठने तक की सजा भी दी। उन्होंने कहा कि गत लोक सभा चुनाव में साम्प्रदायिक शक्तियों की सरकार को केन्द्र में सत्तारूढ होने से रोकने में उन्हें कुछ गलत तत्वों को साथ लेना पडा जिससे भ्रमित होकर सभी धर्मनिरपेक्ष विशेषकर मुसलमान भाईयों को मानसिक कष्ट हुआ और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। उन्होंने कहा मैं इसे अपनी गलती स्वीकार करता हूं और इसलिए मस्जिद गिराने के जिम्मेदार लोगों को भविष्य में कभी साथ ना लेने की सार्वजनिक घोषणा भी कर चुका हूं।मैं इस घटना के लिए देश के सभी विशेषकर अपने मुसलमान भाइयों से माफी मांगता हूं और उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में उनके हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनके सम्मान की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करता रहूंगा।''

समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह के लिए शुभ कामनाएं

यामीन
०९०१५७५६९८८